Jheelo Ki Nagari Bhopal, the Great tourist Spot for Family and Couples

By: | In: हिन्दी |

भोपाल, झीलों की नगरी; भारत देश के मध्य में स्थित मध्य प्रदेश, जिसे देश का हृदय स्थान भी कहा जाता है, एक अत्यंत ही महत्वपूर्ण और सुन्दर जगह है। इसकी राजधानी है भोपाल, जिसे झीलों की नगरी भी कहते हैं। आज  हम आपको इसी खूबसूरत शहर की यात्रा पर ले चलते हैं।

भोपाल अपने  ऐतिहासिक महत्व और महिमा के लिए लोकप्रिय है। नवाबों का  शानदार शहर  भोपाल,  कला, परंपरा और संस्कृति की समृद्ध रूपों का संगम है। हालाकि भोपाल के शहर तीव्र  गति से आधुनिकीकरण कर रहा है,  पर यह अभी भी अपने अतीत के गौरव को  रखने में कामयाब रहा है।  शहर में  विभिन्न संप्रदायों और धर्म के लोग रहते है लेकिन सांप्रदायिक सौहार्द के साथ ये एक   मिश्रित आबादी वाला शहर  है। शहर  11 वीं शताब्दी के आसपास राजा भोज द्वारा स्थापित किया गया था।

Advertisement

भोपाल शहर दो खूबसूरत झीलों के किनारे सात पहाड़ियों के बीच  बसा  है। पुराने पारंपरिक  शहर में  विशेष रूप से चौक क्षेत्र हैं, जहां भोपाल के पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र है । वहाँ मस्जिदों, झीलों, कला दीर्घाओं और संग्रहालयों आदि जगह पर्यटकों को अत्यंत पसंद आती हैं।

भोपाल का इतिहास भारत के इतिहास में एक अनूठा उदाहरण है। यहाँ  बेगमों  की चार पीढ़ियों ने  क्रमिक शासन किया है, जिसका मतलब है कि यह बेगमों द्वारा शासन किया गया है। इन बेगमों के तहत शहर में सुधार, जल निकासी व्यवस्था, डाक व्यवस्था, रेलवे और अन्य आवश्यक बुनियादी सुविधायें विकसित की हैं। बेगमो ने  भी खूबसूरत स्मारकों का निर्माण करवाया है।

चलिए अब बात करते हैं, यहाँ के कुछ प्रमुख स्थानों की, “तालो में भोपाल ताल बाकी सब तलैया” —

1. बड़ी झील (लेक व्यू)

अगर में कहूँ कि ये भोपाल की सबसे खूबसूरत जगह है और अगर आप भोपाल आये और इस जगह न जायें, तो आपका भोपाल जाना सफल नहीं हो सकता। बहुत ही सुन्दर जगह है। दूर तक फैला पानी और उसमें चलती नावे और मोटर बोट हलकी-हलकी बारिश और हाथ में पोपकोर्न या भुट्टे या हो आइस क्रीम और दोस्तों की टोली या हो परिवार की पिकनिक बेस्ट जगह है, जहाँ हर कोई एन्जॉय कर सकता है। सामने पानी में स्थित टेकरी पर जाने का मन हो, तो वोट के सहारे वहां भी जा सकते हैं। अत्यंत ही सुकून भरी जगह है। चारों ओर पानी से घिरी ये दरगाह, आपको अनायास ही शांति और सुकून से भर देती है। बस सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। वोटिंग नियमो का पालन करें।

Blue Jheel, Bhopal Blue Lake

11 वीं सदी से मौजूदा राज्य में सबसे बड़ी झील माना जाता है। झील के पानी में  रोगनाशक शक्ति है। माना  जाता है कि  त्वचा रोग  का इलाज करने में मदद करता है। यह लेक सिटी के दिल में स्थित झील केंद्र में एक छोटा सा द्वीप है। डूबते  सूरज  का  शानदार दृश्य आपको मंत्रमुग्ध कर देगा।

2. वनविहार राष्ट्रीय उद्यान

अगर प्रकृति से ज्यादा प्यार है और बच्चो को जंगल का मज़ा भी दिलवाना है, तो वनविहार आ जाइये, जहाँ आपको जंगली जानवरों के साथ वक़्त बिताने का मौका मिलेगा। बस समय का ख्याल रखिये और यहाँ एंट्री फ्री नहीं है। भाई और जानवरों को कुछ भी खिलाना मना है।

Van Vihar National Bhopal

यह  445.21 हेक्टेयर के एक क्षेत्र में  स्थित है,वन विहार राष्ट्रीय उद्यानमें पक्षियोंऔर जानवरोंकी एक विस्तृत श्रृंखलाके लिए घर है। यहां जंगली जानवरों में  बाघ, शेर, तेंदुआ, सांभर और चीतल शामिल हैं। पार्कमें पक्षियों की 200 से अधिकप्रजातियों के लिए घरहै। एक तरफ तालाब और श्यामलाहिल्सदूसरे पर वन, इन जंगली जानवरोंके लिए एक आदर्शघर है।

3. ताजुल मसाजिद

Taj Ul Masajid Bhopal

यह एशिया महाद्वीप की सबसे बड़ी मस्जिदों में से एक है। यह लगभग  23,312 वर्ग फुट में फैली  है। सबसे ऊंची मीनार  206 फुट लम्बी  है। इसका निर्माण सुल्तान शाहजहां, भोपाल  की बेगम द्वारा शुरू किया  गया था लेकिन धन के अभाव के कारण, यह उसके शासनकाल के दौरान पूरा नहीं किया गया। यह अपनी भव्य आकार, गुलाबी रंग  और नक्काशीदार स्तंभों और छत के साथ दर्शकों को आकर्षित करती है। साथ ही यहाँ बच्चो की तालीम की भी व्यवस्था है।

4. बिड़ला संग्रहालय

Biral Museum Bhopal

1971 में स्थापित, बिड़ला संग्रहालय में 6 वी शताब्दी ईस्वी में 2 शताब्दी ई.पू. की पांडुलिपियों, चित्रों और मूर्तियों का एक अद्भुत संग्रह है। आदिम पाषाण काल और नवपाषाण युग में प्रयुक्त उपकरण यहां हैं।  7 वी और 13 वी शताब्दी के बीच की अवधि से संबंधित मूर्तियां  भी हैं।

5. गौहर महल

Gauhar Mahal Bhopal

गौहर महल भोपाल को 1820 में  पहली महिला शासक द्वारा बन्ने का  गौरव्  प्राप्त है । गौहर बेगम तालाब तट पर स्थित है। यह  महल मुगल और हिंदू वास्तुकला का एक संयोजन प्रदर्शित करता है।आजकल यहाँ आपको हस्थशिल्प की वस्तुओ की सेल भी लगी हुई मिल जाएगी।

6. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय

यह  1985 में स्थापित किया गया था।  200 एकड़ में फैला ये संग्रहालय श्यामला हिल्स पर स्थित है। अच्छी तरह से डिजाइन मानव विज्ञान संग्रहालय मानव जाति की क्रांति में एक अंतर्दृष्टि देता है।

Indira Gandhi Rashtriya Bhopal

यह भी जनजातीय आवास संग्रहालय के रूप में जाना जाता है। देश भर में प्रचलित आदिवासी संस्कृति के बारे में जानने के लिए बहुत ही उत्तम जगह  है। उनके आवास की आदमकद प्रस्तुति आदिवासियों से संबंधित अनूठी स्थापत्य सुविधाओं को प्रदर्शित करता है।साथ ही उनके रहन सहन को समझने का मौका भी देता है।

7. राज्य संग्रहालय

Bhopal National Museum

आधुनिक इमारत में यह संग्रहालय देश में सर्वश्रेष्ठ डिजाइन संग्रहालयों के बीच माना जाता है। 16 विषय दीर्घाओं के साथ  सिक्के, मूर्तियां, जीवाश्मों और पांडुलिपियाँ है। यह अतीत और वर्तमान दोनों को साथ में देखने का अनूठा स्थान है।

8. मनुआ भान की टेकरी

Manua Bhan Ki Tekri

एक पहाड़ी के ऊपर स्थित सुंदर मनुआ भान की टेकरी, जैन श्रद्धालुओं के लिए एक प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है। इसके अलावा महावीर गिरि के रूप में जाना जाता है। यह अपने उत्तम वास्तुकला और शहर के मनोरम दृश्य के लिए जाना जाता है।

9. भोज पुर

Bhojeshwar Temple

अज्ञात कारणों के लिए एक अधूरा मंदिर 11 वी सदी के अंतर्गत आता है। हालांकि अधूरा, मंदिर अपने उत्तम नक्काशियों के साथ आप को आकर्षित करने में सफल है । यहां दुनिया की सबसे ऊंची शिव लिंग का निर्माण किया गया, जिसकी ऊंचाई 18 फीट और  परिधि 5 फीट है। मंदिर बेतवा नदी के तट पर स्थित है सुन्दर नदी का किनारा और मंदिर आपका मन मोह लेंगे। आप चाहे तो नदी के दुसरे किनारे पर स्तिथ पारवती मंदिर को भी देख सकते है।

10. रायसेन किला

Raisen Qila Bhopal

भोपाल से 45 किमी की दूरी पर स्थित है, प्राचीन किला 6 वीं शताब्दी के दौरान बनाया गया था। किला एक पहाड़ी की चोटी पर स्थित है और यह महलों, मंदिरों और झीलों और तालाबों से घिरा है ।  किले का  एक समृद्ध इतिहास है और कई लड़ाइयों यहाँ देखी गई है। प्रसिद्ध शासकों में   एक शेर शाह सूरी है।यहाँ के बारे में मशहूर है की यहाँ पारस पत्थर पाया जाता है।

11. लक्ष्मी नारायण मंदिर

Laxmi Narayan Temple Bhopal

अरोरा पहाड़ियों के ऊपर स्थित है, हिंदू देवी  लक्ष्मी  को समर्पित है। इस मंदिर में माँ लक्ष्मी और उसके  विष्णु भगवान्  की सुंदर मूर्तियां हैं। इतना कुछ देखने के बाद भी अगर आप के पास समय है, तो आप कुछ अन्य स्थानों पर भी जा सकते हैं जैसे –

  • मोती मस्जिद
  • जामा मस्जिद (भोपाल)
  • शाहपुरा झील
  • रोप-वे
  • करवा डेम
  • भदभदा डेम
  • छोटी झील
  • मछली घर
  • भारत भवन
  • ताज महल (भोपाल)
  • भीमबेटका
  • साँची स्तूप

ये तो हुई घूमने की बात और अगर आप खाने के शौक़ीन है, तो भोपाल में आप को लज़ीज़ पकवानों की कमी कहीं नज़र नहीं आएगी। ख़ास तौर पर अगर आप सचमुच असली भोपाली खाने का लुत्फ़ लेना चाहते हैं और नॉन वेज के शौक़ीन है, तो बस आ जाइये चटोरी गली, यहाँ आपको वो हर स्वाद मिलेगा, जो आप सोच सकते हैं। ख़ास तौर पर हलीम, बिरयानी, कबाब और भोपाल की सुलैमानी चाय, वो तो वैसे भी वर्ल्ड फेमस है।

और शौपिंग के लिए चौक बाज़ार और न्यू मार्किट से बेहतर कोई जगह नहीं। रुकने के लिए आपको आपके बजट के हिसाब से हर तरह के होटल्स और लॉज मिल जायेंगे। तो अमा खान सोचिये मत बस निकल पढ़िए भोपाल की सैर पर

Be First to Receive Useful & Interesting Emails You are 100% Secure as per our Privicy Policy

Also See:

Need Help? For instant and detailed answer ask your question at Isrg Forum

Related Articles